17 June 2006

मेरे घर आई एक नन्हीं परी

मुबारक हो, आप फिर से चाचा, या चाची बन गए। माँ बेटी सब ठीक हैं। जहाँ तीन थे अब चार हो गए। रातों की नींद गायब हो गई। मेज पर मेरी किताबों की जगह अब रुई, डाईपर, और न जाने क्या क्या बच्चे का तामझाम जम के बैठ गया। श्रीमती जी से बात करे दिन निकल जाते हैं। किसी के पास टाइम नहीं है। घर में वी आई पी आ गयी हैं। हमारी जरूरत डाइपर बदलने, बड़े साहबज़ादे को फुटबॉल खेलने, हिन्दी सीखने ले जाने और छुटकी को डकार निकलवाने के लिए ही पड़ती है। जिन्होंने शादी नहीं की है, उनको ट्रेलर दिखा रहा हूँ।

13 comments:

Raman Kaul said...

आप को नन्ही परी के आने पर बहुत बहुत मुबारकबाद।

Raviratlami said...

आपने अपने खुशनुमा अहसास को 'मैं' के दर्शनवाद के साथ जोड़कर कुछ ठीक नहीं किया...

किया क्या?

वैसे, यह सच है - संसार की सारी समस्या की जड़ 'मैं' ही तो है!

jai hanuman said...

रवि भाई
आपकी बात पढकर मैंने दर्शन को आपके चाचा बनने की पोस्ट से अलग कर दिया। अब विचारों की खिचड़ी नहीं लगनी चाहिए

संजय बेंगाणी said...

भई हमारी ओर से भी बधाई स्वीकारें.

अनूप शुक्ला said...

बधाई हो।हनुमान जी भी बाल-बच्चे वाले होने की राह में लग लिये। बच्ची को अनेकानेक मंगलकामनायें।

Sagar Chand Nahar said...

हमारी तरफ़ से भी बधाई स्वीकार करें
एक बात समझ में नहीं आई आपने लिखा
"हमारी जरूरत डाइपर बदलने, बड़े साहबज़ादे को फुटबॉल खेलने, हिन्दी सीखने ले जाने और छुटकी को डकार निकलवाने के लिए ही पड़ती है। "
माने आपके साहबजा़दे को हिन्दी सीखने बाहर ले जाना पड़ता है? क्या आप घर में हिन्दी नहीं बोलते?

Srijan Shilpi said...

नन्हीं परी के लिए मेरी मंगलकामनाएँ, आपकोबधाई।

jai hanuman said...

अनूप भाई, ये हमारी दुसरी संतान है। पहला अब नौ वर्ष का है।

jai hanuman said...

सागर भाई, ये लम्बी कहानी है। बच्चे की माता भारतीय भाषा नहीं बोलती। धीरे धीरे छोटू को हिन्दी सिखाई जा रही है। वो नहीं सीख पाया क्योकिं उसका जनम और पहले कुछ वर्ष किसी और देश में हुए जहाँ भारतीय समुदाय नहीं है। उस समय कठिन नौकरी के कारण मेरे पास समय बहुत कम था, और वो स्पैनिश भाषी हो गया था। अब स्पैनिश भी भूल रहा है और अमरीकी बोलने लगा है।

अनूप शुक्ला said...

चलिये दोनों बच्चों को हमारी तरफ से मंगलकामनायें । बड़े को एरियर सहित।

Pratyaksha said...

बधाई !

ई-छाया said...

हेमंत जी, मेरी भी बधाइयाँ।

Vijay Wadnere said...

ओ'जी लक्ख लक्ख वधाईयाँ जी...!!